Monday, 12 September 2016

अमरबेल

आप अवसर दें
चाहे ना दें
हम तो आपके सेवक थे
हैं
और रहेंगें

वैसे भी हमारा
चोली दानम का साथ है
स्पष्ट सी बात है
लोकतंत्र में आप "लोक " हैं तो हम "तंत्र " हैं
हमारे पास
वशीकरण
मोहन , उच्चाटन , मारण
सभी प्रकार के मंत्र हैं

आप राजा हैं
हम कामगार हैँ
आपके सम्राज्य के
पहरेदार हैँ
आपकी सेवा पर
हमारा अधिकार है

बिना हमारे
आपकी गति नहीं
सुगति नहीं
प्रगति नहीं

इस रक्त संबंध को
रखना है आबाद
इसलिये बोलिये
नेताजी जिन्दाबाद

Friday, 2 September 2016

मा फलेषु कदाचन ...

अपना प्रतिनिधि चुनना
हमारा अधिकार
वह क्या करेगा
कब करेगा
कितना करेगा
करेगा भी अथवा नहीं
यह उसका अधिकार