Saturday, 14 October 2017

ध्रुवो जन्म मृतस्य च

जर्जर संवेदना
घायल धैर्य
टूटा साहस
बूढ़ा पुरुषार्थ
रुग्ण पराक्रम
मृत्यु को प्राप्त हों
अपने समस्त मानवीय गुणों के साथ
यथाशीघ्र
शीघ्रातिशीघ्र